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2.5 days of silence

I speak a lot - most of the times. Generally for a person, who speaks so much, it is difficult to be silent more so if someone else asks to.

बादल से बातचीत

आह क्या दृश्य मनोरम था
पेड़-पौधों से भरी धरा
बीच में तड़ाग जल-भरा
उस पार थे पर्वत-शृंग अनेक
और छोटी-पतली पगडंडी एक
जो जाती हो शायद शिखर
पार कर नदी जो बहती निर्झर ।

ऊपर स्पष्ट-सरल-सपाट ख को

कंक्रीट का जंगल

एक जंगल है यहाँ

पर यहाँ पेड़ नहीं हैं
ना पौधे,
ना कंटीली झाड़ियाँ
या उलझती लताएँ ही ।

पर एक दलदल है
जो नहीं बना है गर्द से
पानी या पंक से
इसका सृजन हुआ है -
कहीं मजबूत कंक्रीट से,

मैं प्रतीक्षारत

छत पे खड़ा मैं प्रतीक्षारत
देख रहा हूँ झुरमुटों के पार

सूर्य आएगा,
भगाएगा -
कालिमा रात की
लालिमा प्रात की

प्रथम स्पर्श

नयनों की आभा पलकों से
छलक, दूजे नयनों में प्रशस्त हुई ।
प्रश्न, उत्तर, प्रतिप्रश्न, प्रत्युत्तर
प्रति-स्मिता में परिणत हुई ।

ना-हाँ-शायद-अवश्य,
संशय के गुजरे क्षण-विशेष ।

Nagasaki*

That day, inspite of the clouds, the sky had turned much brighter than usual, no one would have thought what’s coming thier way. Or probably there was no time to think. It just happened in a flash. The clock stopped and the times changed. The temperature saw a surge (more than 3000 C) and almost everything deformed in the heat.

Sugar Loaf

Rio is just awesome when it comes to natural beauty. The view of rio is quite charming and having a sneak view of almost whole of teh city from one place - awesome..