noon sea snow

पुत्र के प्रथम जन्मदिन पर

वर्ष बीतते क्षण ना लगता, पर
इस बीते बरस में मानों
हर क्षण में वर्ष बीता है
जिसके सानिध्य को तरसे मन, बस
उसके चित्र में चित्त अब रीता है

कोमल कुसुम-किसलय-सा था
पिछली बार जब मिले थे हम
आलिंगन में दबाव ना ज्यादा हो
सोच यही रुकते थे दम

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